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बृजभूषण के ‘नंदिनी नगर’ में कुलपति की सर्जिकल स्ट्राइक: सीसीटीवी गायब, रिजल्ट पर रोक!

बाहुबली के कॉलेज में 'अंधेर नगरी': बिना तीसरी आंख के हो रहे थे पेपर, कुलपति ने जड़ा ताला! नंदिनी नगर कॉलेज पर विश्वविद्यालय का हंटर: कक्ष संख्या-3 का रहस्य गहराया, परीक्षाएं प्रतिबंधित।

अजीत मिश्रा (खोजी)

सत्ता की हनक या शिक्षा का मजाक? ‘बाहुबली’ के कॉलेज में कुलपति की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, उड़ीं धज्जियां!

ब्यूरो रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश

  • शिक्षा के मंदिर में नियमों की बलि? कुलपति ने पकड़ा ‘झोल’, अब नपेंगे जिम्मेदार!
  • गोंडा: पूर्व सांसद के कॉलेज में धांधली की बू, कुलपति ने केमिस्ट्री पेपर का परिणाम रोका।
  • बिना सीसीटीवी कैसे हुई परीक्षा? कुलपति कर्नल बिजेंद्र सिंह ने नंदिनी नगर कॉलेज को दी ब्लैकलिस्ट की चेतावनी।
  • नंदिनी नगर पीजी कॉलेज पर बड़ी कार्रवाई: पारदर्शिता से खिलवाड़ पर कुलपति का कड़ा प्रहार।
  • ‘तीसरी आंख’ बंद कर चल रहा था ‘खेल’, कुलपति ने रोक दी रसूख की रेल!
  • साहब के कॉलेज में नियमों का ‘एनकाउंटर’, कुलपति ने रूम नंबर 3 में पकड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा।

गोंडा। उत्तर प्रदेश में परीक्षा की ‘शुचिता’ और ‘पारदर्शिता’ के बड़े-बड़े दावों के बीच, गोंडा से आई एक खबर ने शिक्षा माफियाओं और रसूखदारों के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है। पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साम्राज्य कहे जाने वाले नंदिनी नगर पीजी कॉलेज में अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने मंगलवार शाम जो ‘छापेमारी’ की, उसने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

​सीसीटीवी गायब, क्या ‘नकल’ का था खेल?

​जांच के दौरान कुलपति तब दंग रह गए जब उन्हें कक्ष संख्या-3 में सीसीटीवी कैमरा ही नदारद मिला। डिजिटल युग और सख्त सरकारी गाइडलाइंस के दौर में, किसी परीक्षा केंद्र से सीसीटीवी का गायब होना महज ‘लापरवाही’ नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश की बू देता है। आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हो रहा था जिसे कैमरे की नजर से बचाना जरूरी था? कुलपति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस कक्ष में हुई परीक्षाओं की विश्वसनीयता को खारिज कर दिया है।

​कुलपति का कड़ा प्रहार: परीक्षा परिणामों पर लगी रोक

​कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने न केवल आगामी परीक्षाओं के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है, बल्कि B.Sc. छठे सेमेस्टर (रसायन विज्ञान) सहित क्लास-3 के परीक्षा परिणामों को ‘होल्ड’ पर डाल दिया है। कुलपति के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि रसूख चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, शिक्षा की मर्यादा से खिलवाड़ अक्षम्य होगा।

कुलपति के कड़े निर्देश:

  • ​कक्ष संख्या-03 में सत्र 2025-26 की आगामी सभी परीक्षाओं पर रोक।
  • ​संदिग्ध पाली के परीक्षाफल को आगामी निर्णय तक रोका गया।
  • ​भविष्य में अनियमितता मिलने पर सीधे परीक्षा केंद्र निरस्त करने की चेतावनी।

​परीक्षा नियंत्रक की चेतावनी: अब ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ नहीं!

​विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विनय कुमार सिंह ने कड़े लहजे में कहा है कि कॉलेज को अंतिम चेतावनी दे दी गई है। उन्होंने साफ किया कि यदि पारदर्शिता में रत्ती भर भी कमी पाई गई, तो कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा।

​सवाल जो जवाब मांगते हैं:

  1. ​क्या रसूखदार नेताओं के संरक्षण में चलने वाले कॉलेजों को नियमों की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट है?
  2. ​एक प्रतिष्ठित पीजी कॉलेज में सीसीटीवी का न होना क्या किसी बड़े नकल गिरोह की ओर इशारा करता है?
  3. ​क्या प्रशासन केवल छोटे केंद्रों पर डंडा चलाएगा या इस ‘नंदिनी नगर’ कांड के दोषियों को सलाखों के पीछे भी भेजेगा?

​कुलपति की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने हड़कंप मचा दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या ये कार्रवाई केवल प्रतीकात्मक है, या वाकई यूपी की शिक्षा व्यवस्था से इस ‘दीमक’ को साफ किया जाएगा?

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